Meri baat
क्या तुमने भारत को देखा? अरे ,वो नही जो तुम टीवी न्यूज की डिबेट में देखते हो , वो नही जो फेसबुक के पन्नो में तुम खोजते हो, मेरा भारत रहता है दीवाली ओर ईद के त्योहारों में,पान की दुकानों पर बैठे मित्रो में, चाय की थडियों पर बैठे दोस्तो में , मेलो में, खेल के मैदान में साथ खेलते खिलाड़यों में, प्रेम भरी गलियों में, मजाकिया गालियों में मोहल्ले में बटती हारून की सिवइयों में , होली के त्योहार में सब पर लगते रंगों में, गणगौर के गुनो में बिस्मिला की सहनाइयो में , बंकिमचंद्र चटर्जी के गीत में, लता के गानो में, अब्दुल कलाम ,स्वामी विवेकानंद के विचारों में, मंदिरों के पास बने मजारो में, मिल्खा सिंह के रफ्तार में, लेकिन तुमने ढूंढा तो है बस फेसबुक के पन्नो में, इंटरनेट के संदेशों में। Pawan